असम के छोटे से गांव पामोही में जब मुख्तार और प्रमिता ने देखा कि लोग बॉनफायर में वेस्ट प्लास्टिक जलाते हैं तो उन्हें एक आइडिया मिला और उन्होंने ऐसे स्कूल की शुरूआत की जहां प्लास्टिक के बहाने पर्यावरण विज्ञान सिखाया जाता है.from Latest News वेलनेस News18 हिंदी http://bit.ly/2Lunn61
HIndi News Amar Ujala.
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